Class12 PROJECT RAIL7/7/2026

झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, राँची
PROJECT RAIL
REGULAR ASSESSMENT FOR IMPROVED LEARNING
सत्र : 2026–2027
सामान्य विद्यालय (GENERAL SCHOOL)
कक्षा : द्वादश
विषय : संस्कृतम् (ऐच्छिक)
पूर्णाङ्क : 20
समय : 60 मिनट
सामान्य निर्देशाः
१. अभ्यर्थिनः यथाशक्ति स्वशब्देषु उत्तरं दद्युः।
२. कुलप्रश्नानां संख्या 12 अस्ति।
३. प्रश्न 1 से 6 तक बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प हैं। सही विकल्प चुनिए। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का है।
४. प्रश्न 7 से 10 तक अति लघूत्तरीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।
५. प्रश्न 11 से 12 तक लघूत्तरीय प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है।
खण्ड – क
बहुविकल्पीय प्रश्न (6 × 1 = 6)
1. कर्मगौरवम् पाठः कस्मात् ग्रन्थात् संकलितः?
(क) श्रीमद्भगवद्गीता
(ख) रामायणात्
(ग) महाभारतात्
(घ) पुराणात्
2. "कर्मण्येवाधिकारस्ते" इति श्लोकांशे कस्य अधिकारस्य चर्चा अस्ति?
(क) फलस्य
(ख) कर्मणः
(ग) धनस्य
(घ) योगस्य
3. "फलेषु" इति पदे का विभक्तिः?
(क) प्रथमा
(ख) सप्तमी
(ग) द्वितीया
(घ) पञ्चमी
4. "कादम्बरी" कस्य कृतिः अस्ति?
(क) कालिदासस्य
(ख) माघस्य
(ग) बाणभट्टस्य
(घ) भारवेः
5. शुकनासः कः आसीत्?
(क) राजा तारापीडस्य मन्त्री
(ख) चन्द्रापीडस्य सखा
(ग) कश्चित् मुनिः
(घ) उज्जयिन्याः द्वारपालः
6. इदम् + एव =
(क) इदमेव
(ख) इदम्
(ग) इदेव
(घ) इद्येव
खण्ड – ख
अति लघूत्तरीय प्रश्न (4 × 2 = 8)
7. श्रेष्ठः कर्म कः अस्ति?
8. कः श्रेष्ठः कर्म करोति?
9. चन्द्रापीडस्य पितुः नाम किम्?
10. केषाम् उपदेष्टारः विरलाः सन्ति?
खण्ड – ग
लघूत्तरीय प्रश्न (2 × 3 = 6)
11. अधोलिखितस्य श्लोकस्य अन्वयं लिखत—
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
12. अधोलिखितेषु पदेषु सन्धिविच्छेदं कुरुत—
(क) जहातीह
(ख) गुरूपदेशः
(ग) कर्मणैव
उत्तरमाला (Answer Key)
कक्षा–12, संस्कृत (ऐच्छिक)
खण्ड–क : बहुविकल्पीय प्रश्न
1. (क) श्रीमद्भगवद्गीता
2. (ख) कर्मणः
3. (ख) सप्तमी
4. (ग) बाणभट्टस्य
5. (क) राजा तारापीडस्य मन्त्री
6. (क) इदमेव
खण्ड–ख : अति लघूत्तरीय प्रश्न
7. श्रेष्ठः कर्म कः अस्ति?
उत्तर: स्वधर्मपालनं तथा निष्कामभावेन कृतं कर्म श्रेष्ठम् अस्ति।
8. कः श्रेष्ठः कर्म करोति?
उत्तर: यः फलस्य चिन्तां विना कर्तव्यकर्म करोति, सः श्रेष्ठः कर्म करोति।
9. चन्द्रापीडस्य पितुः नाम किम्?
उत्तर: चन्द्रापीडस्य पितुः नाम तारापीडः आसीत्।
10. केषाम् उपदेष्टारः विरलाः सन्ति?
उत्तर: हितोपदेशं दातुं समर्थाः उपदेष्टारः विरलाः सन्ति।
खण्ड–ग : लघूत्तरीय प्रश्न
11. श्लोकस्य अन्वयः
कर्मणि एव ते अधिकारः अस्ति, फलेषु कदाचन मा। कर्मफलहेतुः मा भूः, अकर्मणि ते सङ्गः मा अस्तु।
12. सन्धिविच्छेदः
(क) जहातीह = जहाति + इह
(ख) गुरूपदेशः = गुरु + उपदेशः
(ग) कर्मणैव = कर्मणा + एव
शिक्षक हेतु अंकन योजना
प्रश्न 1–6: प्रत्येक 1 अंक
प्रश्न 7–10: प्रत्येक 2 अंक (मुख्य बिंदुओं के आधार पर)
प्रश्न 11–12: प्रत्येक 3 अंक

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